इसलिए औरतें जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं |
जब चेहरे की झुर्रियों को पाउडर से छिपाती हैं ,
सफ़ेद बालों को काले बालों के नीचे दबाती हैं |
फिर भी खुद की फ़िक्र छोड़ ,
परिवार के लिए घुलती जाती हैं |
तभी तो ये औरतें जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं |
सुबह पाँच से रात ग्यारह तक दिमाग चलाती हैं ,
मशीन की तरह खुद को हर समय दौड़ाती हैं ,
खुद का चलना…… चलकर थमना याद न हो पर ,
घर को अपने वो बखूबी चलाती हैं |
चलते चलते थक जाने पर विश्राम कहीं ना पाती हैं,
इसलिए शायद औरतें जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं |
सुन्दरता असुन्दरता के पाटों में पिस जाती हैं ,
मोटी पतली की मनगढ़ंत परिभाषाएँ बन जाती हैं |
सुन्दरता की कसौटी का
अनचाहा पैमाना बनकर रह जाती हैं ,
आँखों के भीतर छिपे आँसू और
आँखों के नीचे बने काले घेरों को संग में छिपाती हैं ,
इसलिए शायद औरतें जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं |
बच्चों की फ़िक्र में आँसू बहाती हैं ,
किसी और के परिवार को पूरे दिल से अपनाती हैं ,
नौ माह तक भीतर पोषित कर के ,
हर रात शिशु पर लुटाती हैं ,
बच्चों की माँ के साथ - साथ ,
न जाने कब पूरे घर की माँ बन जाती हैं |
इसलिए शायद औरतें जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं |
घर की जिम्मेदारियों का हर बोझ उठाती हैं ,
कढ़ाई में करछी और कूकर में चम्मच ही नहीं चलाती
कभी –कभी ऑफिस में जाकर अपना घर भी चलाती हैं ,
माँ , बहू , बीवी की हर भूमिका को अच्छे से निभाती हैं |
सबको खाना खिला पिला कर नज़र बचा कर
कभी - कभी खुद थोड़ी सी भूखी रह जाती हैं |
इसलिए ये औरतें जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं |
अभिलाषा माथुर ‘मधु’